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राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सदन में पेश किये गये बजट

 राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सदन में पेश किये गये बजट पर बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त किया गया। 



बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अरूण अग्रवाल ने सर्वप्रथम मुख्यमंत्री एवं उप-मुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री को बधाई दिया तथा बिहार सरकार के वित्तीय प्रबंधन एवं नीतियों की सराहना किया। कुशल वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है कि राज्य का राज कोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.98 अर्थात 3 प्रतिशत से भी कम है। इसके साथ ही राज्य का ऋण जो जीडीपी का 56 प्रतिशत हुआ करता था वह घटकर 38 प्रतिशत पर आ गया है। 



श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि राज्य के बजट आकार में लगातार वृद्धि हो रही है। राज्य की वित्तीय व्यवस्था को गति देने के मद्देनजर वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पेश किये गये बजट में बजट का आकार 2,61,885.40 करोड़ रूपया रखा गया है। बजट की दूसरी बड़ी खासियत स्कीम मद का आकार है जो 1 लाख करोड़ का है। स्कीम मद में व्यय होने से राज्य के आर्थिक विकास को मजबूती प्राप्त होता है। नई नई योजनाओं पर काम होता है, जिसका फायदा समाज के हरेक वर्ग को प्राप्त होता है। 

उद्योग विभाग के बजट को यदि हम देखें तो पिछले वर्ष के मुकावले बजट में कोई बढ़ोतरी नही हुई है। पिछले वर्ष स्कीम मद् में उद्योग विभाग को 1545 करोड़ रूपये उपलब्ध करायी गई थी जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में उद्योग विभाग को एकबार पुनः स्कीम मद् में 1545 करोड़ रूपये दिये जाने का प्रस्ताव है। लेकिन वृहद परिपेक्ष्य में देखा जाय तो उद्योग विभाग को दिया गया बजट कुल बजट का 1 प्रतिशत से भी कम है जो चिन्तनीय है। उद्योग के माध्यम से ही स्थायी रोजगार का सृजन होता है, सरकार को कर के रूप में राजस्व की प्राप्ति होती है। हमलोगों ने सरकार से उद्योग विभाग के बजट को कुल बजट का कम-से-कम 5 प्रतिशत किए जाने का अनुरोध किया था।   

एसोसिएशन के महासचिव श्री गौरव साह ने बजट पर अपनी बातों को रखते हुए कहा कि विशेष राज्य का दर्जा की बात को सरकार ने बजट के माध्यम से एकबार पुनः रखी है। बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन भी लगातार राज्य के विशेष राज्य का दर्जा के लिए माँग करता रहा है तथा इस बिन्दु पर सरकार के साथ है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना पर निश्चित रूप से बल दिया गया है जिसका बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन सराहना करता है। राज्य में 9 जिलों में नये मेडिकल कॉलेज खोले जाने का बजट में प्रस्ताव किया गया है। इसी तरह 21 सदर हॉस्पिटल को मॉडल हॉस्पिटल में उन्नयन करने की योजना है जो सराहनीय है। 

एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष श्री मनीष कुमार ने बजट में पर्यावरण तथा जल प्रबंधन से संबंधित प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि बिहार राज्य की एक बड़ी समस्या प्रति वर्ष आने वाली बाढ़ है इस दिशा में सरकार नदियों को जोड़ने के दिशा में काफी प्रयत्नशील है। इस बजट में भी इस बात की चर्चा है निश्चित रूप से नदियों को आपस में जोड़े जाने से बाढ़ की समस्या का समाधान निकलेगा। जल संरक्षण के दिशा में लोगों को प्रोत्साहित करने उद्देश्य से बजट में जल संरक्षण पर होल्डिंग टैक्स में छूट देने की घोषणा है।

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