महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर जन सुराज समर्थन पदयात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा की शुरुआत पटेल नगर स्थित गांधी मूर्ति में जन सुराज के राजन सिंह के द्वारा माल्यार्पण कर किया गया।
यह यात्रा पटेल नगर से चलकर राजवंशी नगर, हड़ताली मोड़, बोरिंग रोड चौराहा, एन कॉलेज होते हुए जन सुराज कार्यालय पाटलिपुत्र पहुंचकर सभा में तब्दील हुआ।
इस यात्रा का संचालन कर रहे जन सुराज के राजन सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार की स्थिति काफी दयनीय है। बिहार दम तोड़ती शिक्षा व्यवस्था, गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।
आजादी के बाद बिहार का कायाकल्प नहीं हो सका है। जिसके खुशहाली का सपना महात्मा गांधी ने चंपारण में देखा था। राजन सिंह कहते हैं कि एक सुखद राज्य का सपना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। अच्छा शासन उसकी कल्पना है और यही जन सुराज है।
उन्होंने कहा कि बिहार में रोजगार के काफी आसार है। फिर भी सरकारी अपनी स्वयं की पीठ थपथपा अपनी शाबाशी स्वयं लेती है। सरकारों के रोना रोने से अच्छा है कि आप इन समस्याओं की जड़ तक जाएं।
बिहार में चीनी मिल बंद हो चुकी है या बंद होने के कगार पर है। बिहार में आज भी आर्थिक तंगी से लोग परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज के माध्यम से जन सुराज लाने जा रहे हैं। ताकि हर नागरिक को उनके अधिकार मिल सके।
जन सुराज की पहली प्राथमिकता बिहार में पलायन कर चुके लोगों को अपने गृह राज्य बिहार में बुलाकर उनके रोजगार की समुचित व्यवस्था करना और पलायन रोकना है। उन्हें वापस बिहार लाकर 15 से 20 हजार तक के रोजगार की समुचित व्यवस्था करना हमारा पहला उद्देश्य है। राजन सिंह ने कहा कि इस पदयात्रा का मूल उद्देश्य लोगों की समस्याओं को समझना और उन्हें जागृत करना है।
इस पद यात्रा में जन सुराज के पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष बसंत चौधरी, कुंदन किशोर, धनंजय सिन्हा, प्रभात सरसीज, भारती जी, उस्मान साहब, नयन कुमार सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।






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