नई दिल्ली! यूपी के रायबरेली जिले में एक गांव की मुस्लिम महिला ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला के अनुसार उसके पति ने उसे तीन बार ट्रिपल तलाक दिया और दो बार उसका हलाला कराया। तीसरी बार हलाला के लिए दबाव बनाने पर पीड़िता ने कानून का दरवाजा खटखटाया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या तीन तलाक कानून चारदीवारी (परदे) के अंदर फेल हो रहा है?
यह मामला रायबरेली थाना मिल क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के अनुसार उसका निकाह 7 अप्रैल, 2015 को टेकारी डांडू गांव के मोहम्मद आरिफ के साथ हुआ था। निकाह के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। ससुराल वालों के उकसाने के बाद पति ने तलाक दे दिया, महिला ने पुलिस में जब शिकायत करनी चाही तो घरवालों ने समझा-बुझाकर 21 अक्टूबर, 2016 को देवर जाहिद से निकाह करा दिया। जाहिद के तलाक देने के बाद 23 मार्च, 2017 को दोबारा उसका निकाह आरिफ से हो गया।
पति ने फिर दिया तलाक
married and divorced with husband 3 times: कुछ दिनों बाद पति ने फिर तलाक दे दिया और ससुराल वालों ने घर से भगा दिया। पीड़िता के मायके और ससुराल पक्ष के लोगों के बीच किसी तरह समझौता हुआ। पीड़िता का दोबारा जाहिद से निकाह कराया गया और फिर जाहिद के तलाक देने के बाद 21 फरवरी, 2021 को आरिफ से उसका तीसरी बार निकाह हुआ। एक साल बीतते ही 1 मार्च, 2022 को आरिफ ने तीसरी बार तलाक दे दिया और महिला पर अपने बहनोई के साथ हलाला कराने के लिए दबाव बनाया।
इसके बाद महिला के सब्र का बांध टूट गया और वह अपने मायके चली गई, जहां से 3 अप्रैल, 2022 को पति और देवर समेत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, लेकिन लंबे वक्त तक कोई कार्रवाई नहीं, तब पीड़िता ने केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग में न्याय की गुहार लगाई, इस मामले में अभी भी किसी के गिरफ्तारी नहीं हुई है।
क्या है हलाला?
अगर किसी पुरुष ने अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया और वह उससे फिर से निकाह करना चाहता है तो उसे हलाला कराना होता है। हलाला यानी महिला का किसी दूसरे पुरुष से निकाह होने के बाद तलाक होता है और फिर तीन महीने की इद्दत पूरी करने के बाद वह अपने पहले शौहर से निकाह कर सकती है।


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