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RJD सुप्रीमो लालू यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही, अब इस मामले में आरोप गठित

 DEMOCRATIC LIVE, पटना: हाल ही में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को बहुचर्चित चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत मिली है. वहीं बीते दिनों आचार संहिता उल्लंघन (case of violation of code of conduct on lalu) के मामले में भी हाजीपुर कोर्ट (hajipur court) की ओर से उन्हें बेल मिली थी. इस बीच लालू प्रसाद यादव की मुश्किल बढ़ने वाली है. दरअसल वैशाली के जिस मामले में लालू यादव को 23 अप्रैल को बेल मिली थी. अब उसी मामले में लालू यादव के खिलाफ आरोप गठित हुआ है. इस मामले पर अगली तारीख पर सुनवाई होगी.



दरअसल RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर 2015 के एक मामले में आरोप गठित हुआ है. वैशाली के एक चुनावी सभा में लालू यादव पर जातीय द्वेष फैलाने का आरोप लगा था. लालू प्रसाद यादव ने गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र के रसिया बिहारी में 27 सितंबर 2015 को एक सभा को संबोधित करते हुए जाति सूचक टिप्पणी की थी. जिसका वीडियो सामने आने के बाद सदर सर्किल इंस्पेक्टर निरंजन कुमार ने 29 सितंबर 2015 को लालू यादव पर मामला दर्ज किया था. जिसमें तीन धाराएं लगाई गई थी.

बता दें कि RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर लगाई गई तीन धाराओं में आईपीसी की एक धारा नॉन बेलेबल सेक्शन का भी लगाया गया था. इससे पहले 23 अप्रैल अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लालू प्रसाद यादव की पेशी हुई थी. इसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत दिया. लालू प्रसाद यादव के वकील श्याम बाबू राय ने बताया कि यह मामला 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के समय का है. आरजेडी की एक सभा में लालू प्रसाद यादव पर जातिगत टिप्पणी का आरोप लगाया गया था. इसी मामले को लेकर एक एफआईआर गंगा पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था.

बतातें चलें कि चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में हाल ही में सजायाफ्ता RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को जमानत मिल गई है. झारखंड हाईकोर्ट ने 10 लाख के फाइन के साथ लालू प्रसाद यादव को जमानत दी है. अदालत ने सीबीआइ की दलील को नकार दिया और लालू यादव को जमानत दे दी. लालू यादव फिलहाल बीमार हैं और दिल्ली के एम्स में उनका इलाज चल रहा है. लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने बताया कि उन्हें आधी सजा पूरी करने और स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दी है. उन्हें एक लाख रुपये की जमानत राशि और 10 लाख रुपये जुर्माने के तौर पर जमा करने होंगे.

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