Header Ads Widget

Responsive Advertisement

मोदी' की चिंता पर 'नीतीश' हंसे, JDU-BJP के मंत्री भी खूब हंसे, हाथ जोड़कर कहा- 'कारण अब तो वही न बतायेंगे'

 बिहार विधानसभा की बोचहां सीट पर हुए उप चुनाव में बीजेपी की करारी हार हो गई। इसके बाद भाजपा के कद्दावर नेता सुशील कुमार मोदी ने बड़ा सवाल खड़ा कर नेतृत्व को परेशानी में डाल दिया है। सुशील मोदी ने वर्तमान नेतृत्व को आईना दिखाते हुए कहा है कि सहयोगी दलों से अब 2019 वाला संबंध नहीं रहा। साथ ही उन्होंने ये भी कह दिया कि सवर्ण समाज का एक वर्ग और अति पिछड़े समाज के वोटर हमसे खिसक गये हैं । सुशील मोदी के इस बयान को बिहार के मुख्यमंत्री ने तवज्जो नहीं दिया और हंसी में उड़ा दिया। 


मोदी' की चिंता पर 'नीतीश' हंसे !


सीएम नीतीश कुमार आज बाबू कुंअर सिंह की जयंती पर राजधानी में आयोजित राजकीय समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि बोचहां चुनाव में भाजपा की करारी हार पर सुशील मोदी ने कहा है कि सवर्ण समाज के एक वर्ग का वोट व अतिपिछड़ा वोटरों का खिसकना अप्रत्याशित रहा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तो वही न बतायेंगे। इसके बाद हंसते हुए निकल गये। सीएम नीतीश के हंसने पर उनके साथ रहे बीजेपी-जेडीयू कोटे के अन्य मंत्री भी हंसने लगे।  


फिर से चर्चा में हैं सुशील मोदी 


सीएम नीतीश के काफी करीबी माने जाने वाले बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी एक बार फिर से चर्चा में हैं। दरअसल, पूर्व डिप्टी सीएम ने 21 अप्रैल को बोचहां चुनाव में दल की करारी हार पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने जो कहा उसके कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। 


जानें सुशील मोदी ने क्या कहा है?


दरअसल, सुशील मोदी ने कहा है कि बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए को दस सीटों का नुकसान और फिर विधानसभा के बोचहां उपचुनाव में एनडीए उम्मीदवार का 36 हजार मतों के अंतर से पराजित होना हमारे लिए गहन आत्मचिंतन का विषय है। एनडीए नेतृत्व इसकी समीक्षा करेगा, ताकि सारी कमियांं दूर की जा सकें। सुशील मोदी आगे कहते हैं कि बोचहां विधानसभा क्षेत्र की  एक-एक पंचायत में एनडीए विधायकों-मंत्रियों ने जनता से सम्पर्क किया था। पूरी ताकत लगायी गई थी। सरकार ने भी सभी वर्गों के विकास के लिए काम किये और सबका विश्वास जीतने की कोशिश की। इसके बाद भी एनडीए के मजबूत जनाधार अतिपिछड़ा वर्ग और सवर्ण समाज के एक वर्ग का वोट खिसक जाना अप्रत्याशित था। इसके पीछे क्या नाराजगी थी, इस पर एनडीए अवश्य मंथन करेगा। 



एनडीए घटक दलों में 2019 जैसा तालमेल नहीं-मोदी


सुशील मोदी अपने तीसरे ट्वीट में कहते हैं कि वर्ष 2019 के संसदीय चुनाव में एनडीए के घटक दलों ने पूरे तालमेल से एक-दूसरे को जिताने के लिए मेहनत की थी, जिससे हमारा स्ट्राइक रेट अधिकतम था। गठबंधन के खाते में राज्य की 40 में से 39 सीटें  आयी थीं, जबकि राजद सभी सीटें हार गया था। विधान परिषद की 24 सीटों पर चुनाव और विधानसभा की बोचहां सीट पर उपचुनाव में एनडीए के घटक दलों के बीच 2019 जैसा तालमेल क्यों नहीं रहा, इसकी भी समीक्षा होगी। अगले संसदीय और विधानसभा चुनाव में अभी इतना वक्त है कि हम सारी कमजोरियों और शिकायतों को दूर कर सकें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ