बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर में 23 अप्रैल को बाबू वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव मनाया जाएगा. गृहमंत्री अमित शाह भी श्रद्धांजलि अर्पित करने आएंगे. इस खबर आयी है कि गृहमंत्री के बिहार दौरे के कार्यक्रम में फेरबदल हुआ है. गृहमंत्री अमित शाह अब 22 के बदले 23 अप्रैल को बिहार आएंगे. गृहमंत्री पटना एयरपोर्ट से सीधे आरा के लिए रवाना होंगे. केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इस दिन इतिहास रचा जाएगा. उन्होंने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव में 75 हजार तिंरंगे एक साथ लहराते नजर आएंगे.
नित्यानंद राय ने कहा कि आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मनाने का निर्णय देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिया था और उन्होंने ही बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती के अवसर पर विजयोत्सव मनाने की प्रेरणा दी है.उन्होंने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव में खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह शामिल हो रहें हैं. इसलिए जगदीशपुर समेत पूरे बिहार के लोग उत्साहित हैं. यहां आजादी के 75 साल पूरी होने पर 75 हजार तिरंगा लेकर लोग पहुंच रहें हैं.
केन्द्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि आजादी के लिए कई महापुरूषों ने अपने जान की बाजी लगा दी.पर पुरानी सरकार ने सभी महापुरूषों को सही सम्मान नहीं दिया.इसलिए नरेन्द्र मोदी की सरकार ने सभी महापुरूषों को सम्मानित करने का फैसला किया है. 23 अप्रैल को जगदीशपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव मनाया जा रहा है. इस विजय महोत्सव को लेकर लोगों मे काफी उत्साह है.
बता दें कि बाबू वीर कुंवर सिंह ने 80 साल की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ 15 लड़ाइयां लड़ी थीं. उन्होंने 1857 के विद्रोह के दौरान खुद अपने तलवार से ही एक हाथ काटकर गंगा में डाल दिया था. दरअसल उनके बाजू में गोली लग गई थी. इंफेक्शन फैलने का डर था. जिसकी वजह से उन्होंने अपना हाथ ही काट लिया था. 1857 के विद्रोह में वीर कुंवर सिंह ने कम साधन के बावजूद अंग्रेज को धूल चटाया था. 80 साल की उम्र में जिस तरीके से वह तलवार चलाते थे. अंग्रेज भी उसका लोहा मानते थे. 1857 के विद्रोह में बाबू कुंवर सिंह की एक अहम भूमिका रही थी


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