नक्सल प्रभावित धरहरा प्रखंड के लडैयाटांड़ थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव से देर रात पुलिस ने एक फर्जी दारोगा को पकड़ा है। फर्जी दारोगा राहुल पासवान खुद को बेगूसराय में तैनात होने की बात गांव वालों को बताता था। सूत्रों की माने तो लगभग पांच वर्ष से फर्जी रूप से दारोगा बनकर घूम रहा था। राहुल बेगूसराय में किराए के मकान में रहकर लोगों पर धौंस जमाता था। स्कार्पियो पर सायरन लगाकर चलता था। यह धंधा कई महीनों से कर रहा था।
मुंगेर एसपी जग्गुनाथ रेड्डी जलारेड्डी को इस बात की जानकारी मिली तो वे भी सन्नू रह गए। उन्होंथने कहा कि कोई इतना बड़ा धोखा कैसे कर सकता है। एसपी को इसकी सूचना देर रात को मिली। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर टीम गठित कर छापेमारी की गई और गोविंदपुर से दबोच लिया। फर्जी दारोगा का पिता दो बार से वार्ड सदस्य और पत्नी इस बार पंचायत समिति सदस्य बनी है। फर्जी दारोगा गांव में ही वर्दी और पिस्टल के साथ सायरन लगे वाहन से आता था। गांव वालों को भी लगता था कि यह सही में दारोगा है।
घर वालों ने भी दिया था साथ
राहुल पासवान के फर्जी दारोगा बनाकर काम करने की जानकारी घर वालों को भी थी। लेकिन सभी इस मामले को छिपाकर रखे हुए थे। घर वालों का साथ मिला हुआ था। जब भी राहुल गांव आते थे पूरे शान से घूमता था। शादी के बाद फर्जी दारोगा बना था। बेगूसराय में काम करते थे। मुंगेर में पैतृक गांव पर आलीशान मकान था। अपने घर में वे अपने नाम का दारोगा का बोर्ड में लगा रखा था। धरहरा पुलिस ने बेगूसराय में भी जा कर जांच पड़ताल किया।
इससे पहले खगडि़या में भी फर्जी दारोगा के दो मामले मिले थे। कहा जा रहा है कि फर्जी बहाली कराने के लिए एक गिरोह संचालित हैं। पुलिस कार्रवाई भी लगातार इस मामले में कर रही है।


0 टिप्पणियाँ