आज हम आपके लिए एक बड़ी खबर लेकर आए हैं जैसा कि आपको पता है बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, ऐसे में शराब तस्कर जब भी वाहनों से शराब की तस्करी करते हैं तो उत्पाद विभाग द्वारा वाहनों को जप्त कर लिया जाता है। यह वाहन उत्पाद विभाग के कार्यालय में पड़ी पड़ी खराब हो रही है ऐसे में खबर आ रही है इन वाहनों की नीलामी अब ऑनलाइन की जाएगी। अगर आप जानना चाहते हैं कि कैसे आप ऑनलाइन इन वाहनों की खरीदी कर सकते हैं तो इस खबर को अंत तक जरूर देखें,
शराब तस्करी में पकड़े गए गाड़ियों को ई नीलामी के लिए अब नई योजना बनाई गई है इस योजना के तहत राज्य के सभी थानों में पड़े गाड़ियों को ऑनलाइन बेचा जाएगा। इसके लिए वेबसाइट पर हर गाड़ी की तस्वीर अपलोड की जाएगी जो भी व्यक्ति इन गाड़ियों की खरीदारी के लिए इच्छुक हो वह वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन खरीद सकते हैं। कैसे आप आप खरीद सकते हैं गाड़ी और कौन सी है वो वेबसाइट, चलिए आप को सिलसिलेवार ढंग से बताते हैं
राज्य में मद्य निषेध अधिनियम के तहत जप्त होने वाले वाहनों की ई नीलामी यानी ऑनलाइन नीलामी होगी। मध निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने पटना सदर में इसका ट्रायल किया रहा है। इस दौरान लक्ष्य से दोगुने से भी अधिक राजस्व नीलामी से प्राप्त हुआ है। इसके बाद सभी जिलों में इस प्रक्रिया को अपनाने का आदेश जारी किया गया। ई निलामी के लिए सरकार के उपक्रम मेटल स्क्रैप ट्रेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की सेवाएं ले रहा है।इस ऑनलाइन मेला में में किसी भी जिले में जब तक वाहन की ई नीलामी में कोई भी व्यक्ति आसानी से भाग ले सकता है। उत्पाद आयोग वी कार्तिकेय धजीय ने बताया कि नीलामी की प्रक्रिया के लिए सबसे पहले जप्त वाहन का विवरण एम एस टी सी की वेबसाइट पर डाला जाएगा वेबसाइट के ई ऑक्शन सेक्शन के विवरण देखा जा सकता है इसके बाद नीलामी में शामिल होने के इच्छुक लोग मोबाइल नंबर और ओटीपी डाल कर अपना निबंधन करा सकते हैं नीलामी में शामिल होने वाले व्यक्ति चाहे तो स्थल पर जाकर वाहन को देखकर संतुष्ट भी ले सकते हैं। नियत तिथि और समय पर इन इनामी नीलामी की प्रक्रिया की जाएगी इसके लिए सभी निबंध व्यक्तियों को पहले ही सूचना दे दी जाएगी जब तक वाहनों की ई नीलामी का सबसे ट्रायल पटना सदर अनुमंडल कार्यालय में किया गया। इसके तहत 350 गाड़ियों को नीलामी की सूची में वेबसाइट पर डाले गए इनमें से 257 गाड़ियों की बिक्री हो गई। ई नीलामी का सबसे अधिक फायदा यह दिखा की वाहनों की बिक्री से 32 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ होने का अनुमान रखा गया गया था लेकिन इसके विरोध 76 लाख रुपये का राजस्व हासिल हुआ। उत्पाद आयुक्त वी कार्तिकेय धनजी ने बताया कि मध निषेध अधिनियम के तहत वाहनों की नीलामी अब एम एस टी सी के तहत ऑनलाइन होगी पटना सदर अनुमंडल कार्यालय में सफल ट्रायल के बाद इसे सभी जिलों में लागू करने का आदेश दे दिया गया है।

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