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क्यों मनाई जाती है मकर सक्रांति, क्या है रहस्य, किस चीज की होती है प्राप्ति?

मकर संक्रांति को लेकर देशभर में यही भ्रम है कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है या 15 जनवरी को। आइये हम आपको बता ते हैं कि कि दिन मकर संक्राति का पर्व मनाया जाए। वाराणसी के पंचागों के साथ-साथ देश के अन्य भागों में सूर्य का राशि परिवर्तन 14 जनवरी की रात 8 बजे है। इस हिसाब से मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही सभी मांगलिक कार्यक्रम भी शुरू हो जाएंगे इसलिए भी तिथि आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है।



आपको बता दें कि सूर्य का राशि परिवर्तन 14 जनवरी की रात हो रहा है इसलिए सूर्योदय के हिसाब से 15 जनवरी को ही निर्विवाद रूप से मकर संक्रांति का पर देश भर में मनाया जाएगा। इस पर्व पर समुद्र में स्नान के साथ-साथ गंगा, यमुना, सरस्वती में स्नान दान का महत्व होता है। विशेषकर मकर संक्रांति पर दान को प्रभावशाली बताया गया है।



क्यों खाते हैं तिल और गुड़ के लड्डू




माना जाता है कि इस दिन सभी देवता भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का पूजन अर्चन कर के दिन की शुरुआत करते हैं। विष्णु के शरीर से उत्पन्न तिल के द्वारा बनी वस्तुएं और श्री लक्ष्मी द्वारा उत्पन्न गन्ने के रस से बनी वस्तुएं गुड़ तिल आदि इस दिन खाया जाता है और एक दूसरे को दिया जाता है। मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व देशभर के अलग-अलग भागों में अलग तरीके और अलग नाम से मनाया जाता है. लेकिन सब जगह एक बार कॉमन यह है कि इस दिन तिल-गुड़ खाना और इसका दान करना शुभ माना जाता है. सदियों से इस दिन काले तिल के लड्डू खाने की परंपरा चली आ रही है. 




पौराणिक कथा के अनुसार सूर्य देव ने अपने बेटे शनि देव का घर कुंभ क्रोध में जला दिया था. कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं और इस राशि को ही उनका घर माना जाता है. घर को जलाने के बाद जब सूर्य देव घर देखने पहुंचे, तो काले तिल के अलावा सब कुछ जलकर राख हो गया था. तब शनि देव ने सूर्य देव का स्वागत उसी काले तिल से किया. शनि देव (Shani Dev) के व्यवहार को देखकर सूर्य देव प्रसन्न हो गए और उन्होंने शनि देव को एक और घर मकर रहने के लिए दिया. साथ ही, ये भी वरदान दिया कि जब कभी सूर्य मकर राशि (Makar Rashi) में प्रवेश करेंगे, तो उनका घर धन-धान्य से भर देंगे. 




साथ ही, इस दिन जो लोग काले तिल और गुड़ सूर्य देव को अर्पित करेंगे, उन्हें सूर्य और शनि देव दोनों की कृपा प्राप्त होगी और खूब तरक्की करेंगे. मकर संक्रांति के दिन ये दोनों चीजें खाने और दान करने से सूर्य देव और शनि देव दोनों की कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि लाइफ में सफलता पाने के लिए इन दोनों ही ग्रहों की कृपा बनी रहनी चाहिए. कहते हैं कि इस दिन तिल-गुड़ खाने से घर में सुख-समृद्धि आती है.

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