नमामि गंगे परियोजना के तहत राजधानी में सीवरेज नेटवर्क बिछाने का काम चल रहा है। एसके नगर में नागरिकों ने सड़क खोद कर छोड़ने और पाइप लाइन बिछाने में गाइडलाइन का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। स्थानीय नागरिकों के विरोध के बाद रास्ते को आने-जाने लायक बनाया गया। इसके बाद आगे काम शुरू हो सका।
एसके नगर निवासियों ने बताया कि सड़क के किनारे जमीन होने के बाद खुदाई नहीं की जा रही है। सीवरेज पाइप लाइन बिछाने में गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। पाइप डाल कर सीधे मिट्टी डाल दी जा रही है। यह उचित नहीं है ट्रेंस में गंगा बालू डालनी है। बाद में एजेंसी के तरफ से आश्वासन मिला कि 1 माह के अंदर में सड़क की ढलाई कर दी जाएगी।
तो वहीं दूसरी ओर राम नगरी- इंदिरा पुरी रोड पर पाइप बदलने के लिए नाले की खुदाई तो कर दी गई। लेकिन उसे ठीक नहीं किया गया। इससे 12 फुट चौड़ी सड़क मात्र 3 फुट की रह गई है। इसकी वजह से वहां आए दिन दुर्घटना हो रही है। गैस सिलेंडर से भरा ठेला नाले में गिर गया। हालांकि चालक किस तरह खुद को बचाने में सफल रहा। तो वही ई रिक्शा नाले में गिरते-गिरते बचा। राम नगरी-इंदिरा पुरी रोड एजी कॉलोनी सभी को जोड़ता है। इस मार्ग पर दिनभर काफी वाहन और लोग गुजरते हैं। इस रोड पर पानी निकासी के लिए पहले 6 इंच की पाइप डाली हुई थी। 15 दिन पहले वहां 2 फुट की मोटी पाइप लगाई गई है। पाइप लगाने के बाद पीडब्ल्यूडी ने इसे बगैर ढके खुला छोड़ दिया है। इस कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है।

0 टिप्पणियाँ