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बिहार में 157 साल बाद दूसरे सुरंग में सीआरएस जांच पूरी, जानिए कब से ट्रेनों का परिचालन होगा शुरू।

 रेलवे द्वारा 157 सालों के बाद बिहार में इतिहास को दोहराया गया। 1865 में जमालपुर रतनपुर के बीच बने बिहार के पहले रेल सुरंग के बाद अब 2022 में दूसरा रेलवे सुरंग बनकर तैयार हुआ। मुख्य सुरक्षा आयुक्त(सीआरएस) एएस चौधरी की जांच पूरी हो गई है। जल्दी इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद पहले सप्ताह में ट्रेनों का सुगम परिचालन शुरू हो जाएगा।



राजधानी ट्रेन का परिचालन होगा संभव


बता दें कि नई सुरंग की वजह से इस रूट से पहली राजधानी एक्सप्रेस चलाने की हरी झंडी मिली है। जल्द ही नई सुरंग होकर अगरतला-आनंद विहार टर्मिनल तेजस राजधानी का परिचालन शुरू होगी। नई सुरंग से ट्रेनों और मालगाडिय़ों को भी नई गति मिलेगी। भागलपुर-जमालपुर रेल खंड के बीच उत्पन्न ट्रैफिक व्यवस्था को दूर करने में नए सुरंग बड़ा ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यह सुरंग रेलवे के राजस्व को बढ़ाने में काफी मददगार साबित भी होगा।



45 करोड़ की लागत हुआ है निर्माण


मालूम हो कि 2019 में इस रेलवे सुरंग को बनाने की रेलवे ने सहमति दी थी। वहीं इस सुरंग को 3 साल के अंदर बना दिया गया मालदा डिवीजन के डी आरएम यतींद्र नाथ बताया कि 45 करोड़ की लागत से इस सुरंग का निर्माण कराया गया है। इस सुरंग के बनने से मालदा डिवीजन के इस रेल खंड का भी दोहरीकरण हो गया है जिसके बाद अब कई नई ट्रेनों की सौगात इस रेल खंड को मिलेगी। इससे क्षेत्र का तेज विकास भी संभव होगा।

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