कोरोनारोधी वैक्सीन लेने से जहां कई लोग हिचकते हैं। तो वहीं बिहार के मधेपुरा जिले के औराई निवासी ब्रह्मदेव मंडल ने पिछले 10 महीने में अलग-अलग जगह पर 12 बार कोरोनारोधी टीका लिया है। उनका मानना है कि टीका लेने के बाद उनके घुटनों का दर्द कम हो जाता है। भूख लगती है और अन्य बीमारियों में भी फायदा होता है। इसी कारण उन्होंने इतनी बार वैक्सिन ली है। कई चिकित्सक मान रहे हैं कि कोरोनारोधी टीको का इतनी अधिक डोज लेने के बाद इनके शरीर पर अब मेडिकल टीम को शोध करने की जरूरत है।
जानकारी के अनुसार ब्रह्म देव मंडल डाक विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने लंबे समय तक ग्रामीण चिकित्सक का भी काम किया है। रविवार को 12वां टीका लेने वे चौसा पंचायत भवन गए। जहां टीका लगने के बाद लोगों ने उन्हें पहचान लिया। तब जांच के बाद इस मामले का पर्दाफाश हुआ। उन्होंने अलग अलग पहचान पत्र और मोबाइल नंबर के सहारे ये टीके लिए। कभी आधार कार्ड लगाया तो कभी कुछ और। 13 मार्च 2021 से 4 जनवरी 2022 तक उन्होंने ये टीके लिए।
ब्रह्मदेव मंडल बताते हैं कि एक ही आधार कार्ड पर उन्होंने 8 वार टीके लिए हैं। 29 और 30 दिसंबर को उन्होंने 24 घंटे के अंदर दो टीके लगवा लिए।

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