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फर्जी अकाउंट से बढ़ाए जाते हैं सेलिब्रिटी के फॉलोअर्स

 आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि इंटरनेट मीडिया पर सेलिब्रिटी के फॉलोवर से जुड़े लाखों अकाउंट फर्जी होते हैं। एक ही व्यक्ति के कई अकाउंट होते हैं या फिर या अकाउंट किसी व्यक्ति का नहीं होकर कंप्यूटर के माध्यम से‌ संचालित होता है। डेटा सुरक्षा बिल पर संसद के संयुक्त समिति की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। 

रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में 10 से 11 जुलाई को ट्विटर ने फर्जी अकाउंट की शिकायत मिलने पर इसे ठीक किया। तो एक ही दिन में सेलिब्रिटी के लाखों फॉलोअर्स कम हो गए। इस प्रकार के फर्जी फॉलोअर्स की संख्या 77 लाख पाई गई। समिति की रिपोर्ट में न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से कहा गया है कि ट्विटर पर 15% अकाउंट इस प्रकार के हैं, जो किसी व्यक्ति के फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए काम करते हैं। अकाउंट ऑटोमेटेड होते हैं। जो किसी व्यक्ति के नहीं होते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि फर्जी अकाउंट का धंधा लगभग सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहा है। जिसमें इंस्टाग्राम, फेसबुक और लिंक्डइन भी शामिल है। फर्जी अकाउंट चलाने वाले पर अलग-अलग नकली पहचान से मौजूद होते हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि फर्जी अकाउंट के माध्यम से किसी खास एजेंडा को आगे बढ़ाने के साथ, लोगों की ब्लैकमेल करने से लेकर, डिजिटल घोटाले को अंजाम दिया जाता है।

समिति ने कहा है कि इंटरनेट मीडिया पर फर्जी अकाउंट को बंद करने के लिए, व्यक्ति के पहचान पत्र से सत्यापन की जरूरत है या फिर सभी अकाउंट में अपने पहचान पत्र देने के लिए कहा जाए। अभी फोन नंबर देकर इंटरनेट मीडिया पर अकाउंट खोला जा सकता है। किसी प्रकार के पहचान पत्र की कोई आवश्यकता नहीं होती है।

निजी डेटा चोरी होने से सेहत तक हो सकता है प्रभावित

लोगों की जिंदगी में डाटा की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। बैंकिंग, हेल्थ केयर, घूमना फिरना या इंश्योरेंस जैसे सभी जगह पर डाटा की मदद से काम कर रहे हैं। ऐसे में डाटा की चोरी या डाटा की जानकारी किसी और को लगने का भय हमें हमेशा सताता रहता है। ऐसे में डाटा चोरी होने पर लोगों की सेहत प्रभावित होने से वे मनोवैज्ञानिक रूप से दबाव में आ जाते हैं।



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